बाबा बर्फानी का शिवलिंग तेजी से पिघला, अब करीब 1 फीट शेष; अमरनाथ यात्रा में उमड़ रही रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की भीड़
श्रीनगर। पवित्र अमरनाथ यात्रा के दौरान बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। यात्रा के शुरुआती दिनों में ही दर्शन करने वालों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसी बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राकृतिक रूप से निर्मित पवित्र हिम शिवलिंग तेजी से पिघलकर अब लगभग 1 फीट रह गया है, जबकि जून के अंत में इसकी ऊंचाई करीब 5 से 7 फीट बताई गई थी।
जानकारी के अनुसार, अमरनाथ गुफा में हर वर्ष प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग बर्फ और ग्लेशियर के पिघले पानी के अत्यंत कम तापमान में जमने से बनता है। भू-विज्ञान में इस प्राकृतिक संरचना को स्टैलेगमाइट (Stalagmite) कहा जाता है। गुफा की छत से टपकने वाला पानी धीरे-धीरे जमकर शिवलिंग का आकार लेता है।यात्रा के तीसरे दिन तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। केवल रविवार को ही करीब 24 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
वहीं सोमवार तड़के जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 5,794 श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इसमें 1,211 महिलाएं, 21 बच्चे, 599 साधु और 76 साध्वियां शामिल हैं।श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों से यात्रा कर रहे हैं। पहला 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक पहलगाम-नुनवान मार्ग और दूसरा 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग, जिसे छोटा लेकिन अधिक कठिन माना जाता है। पवित्र अमरनाथ गुफा समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल वैध पंजीकरण परमिट मिलने के बाद ही अपनी निर्धारित तिथि पर यात्रा करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को गुफा तक जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए दोनों मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, नो-फ्लाई जोन, सीसीटीवी निगरानी, वॉच टावर, आरएफआईडी ट्रैकिंग, क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र तथा श्रद्धालुओं के काफिलों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी।
श्रद्धालुओं में बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं प्राकृतिक हिम शिवलिंग के तेजी से पिघलने की खबर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
