सुशासन शिविर में 368 आवेदन पहुंचे, 71 प्रकरणों का मौके पर हुआ निराकरण कलेक्टर की पहल से दृष्टिबाधित युवक का बना आधार कार्ड, विधायक ललित चंद्राकर ने युवाओं को सौंपे लर्निंग लाइसेंस नगर पालिक निगम रिसाली के पुरैना स्थित सुशासन शिविर में शुक्रवार को जनसमस्याओं के निराकरण के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शिविर में कुल 368 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 71 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
शिविर में मांग संबंधी 330 तथा शिकायत संबंधी 38 आवेदन शामिल रहे।शिविर की सबसे खास बात 29 वर्षीय देवेन्द्र कौशल का आधार कार्ड बनना रहा। देवेन्द्र एक आंख से दृष्टिबाधित हैं और तकनीकी कारणों से कई बार प्रयास करने के बावजूद उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था। शिविर में पहुंचकर उन्होंने अपनी समस्या बताई, जिस पर अभिजीत सिंह ने तत्काल अधिकृत एजेंसी से संवाद कर मौके पर ही उनका आधार कार्ड बनवाया। देवेन्द्र दो बच्चों के पिता हैं और लंबे समय से इस समस्या से परेशान थे।इस दौरान ललित चंद्राकर ने शिविर का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का जायजा लिया।
उन्होंने परिवहन विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में 26 युवाओं को लर्निंग लाइसेंस वितरित किए। विधायक ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में पहुंचकर महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से चर्चा की तथा गोद भराई कार्यक्रम में भी शामिल हुए।शिविर में निगम आयुक्त मोनिका वर्मा ने बालिकाओं को स्वच्छता किट वितरित की। वहीं कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शिविर में पहुंचे नागरिकों से सीधे संवाद कर पेयजल, पट्टा और अतिक्रमण से संबंधित आवेदनों के शीघ्र निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर आवेदन की गंभीरता को समझते हुए प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिविर में एक आवेदक को मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर तत्काल प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में निगम सभापति केशव बंछोर, एमआईसी सदस्य रंजीता बेनुआ, सनीर साहू, पार्षद पार्वती महानंद, खिलेन्द्र चंद्राकर, मरोदा-पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू जंघेल तथा विधायक प्रतिनिधि गोविंद साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
