कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को ₹15 हजार प्रति एकड़ सहायता, 240 ई-बसों को मिली मंजूरी
रायपुर, 9 जून। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस ब्रीफिंग में कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। बैठक में कृषि, ऊर्जा, परिवहन, खनन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की।
इसके लिए कंपनी के संचालक मंडल को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने का अधिकार दिया गया है।कृषि क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी गई है। इसके तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है।सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पात्र हितग्राहियों को चना वितरण जारी रखने का निर्णय लिया गया।
चना खरीदी के लिए NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के उपयोग की अनुमति भी प्रदान की गई।कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने की मंजूरी दी है। इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों के बेहतर संचालन की उम्मीद जताई गई है।परिवहन क्षेत्र में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) में डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) को स्वीकृति दी गई। इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इसके अलावा, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भूमि क्रय पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है।खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होगा। साथ ही अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इन फैसलों से किसानों, उपभोक्ताओं, परिवहन व्यवस्था और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
