जर्जर भवन में संचालित हो रहा उप स्वास्थ्य केन्द्र अण्डा, मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

दुर्ग। दुर्ग जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम के अंतर्गत संचालित उप स्वास्थ्य केन्द्र अण्डा इन दिनों अत्यंत जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। भवन की खस्ताहाल स्थिति के कारण यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों तथा स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य केन्द्र के बाथरूम के समीप, कार्यालय कक्ष एवं स्टोर रूम की छत कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। छत से सीमेंट उखड़कर गिर रहा है तथा लोहे की सरिए भी बाहर दिखाई दे रहे हैं। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए स्थिति और अधिक चिंताजनक मानी जा रही है।उल्लेखनीय है कि उप स्वास्थ्य केन्द्र अण्डा में नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रसूति सेवाएं भी संचालित होती हैं। यहां गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी कराई जाती है तथा मरीजों को भर्ती भी किया जाता है। ऐसे में भवन की जर्जर स्थिति मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
विशेष रूप से बाथरूम क्षेत्र में छत की खराब हालत के कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।सामाजिक कार्यकर्ता हेमेन्द्र कुमार चन्द्राकर ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व भवन की खराब स्थिति की जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. बेलचन्दन को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत या सुरक्षा संबंधी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
हेमेन्द्र कुमार चन्द्राकर ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कलेक्टर दुर्ग एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग से उप स्वास्थ्य केन्द्र अण्डा भवन की तत्काल मरम्मत कराने तथा भविष्य में नए भवन के निर्माण की मांग की है।वहीं क्षेत्र के नागरिकों ने भी प्रशासन से शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उप स्वास्थ्य केन्द्र अण्डा का भवन काफी जर्जर हो चुका है। कई स्थानों पर छत से सीमेंट गिर रहा है और सरिए बाहर दिखाई दे रहे हैं। मरीजों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए भवन की तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए तथा नए भवन का निर्माण भी आवश्यक है।
