दुर्ग में रेलवे लाइन किनारे चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश पर चार अवैध दुकानें ढहीं
33 लोगों को स्टे मिलने से टली कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैना
दुर्ग नगर निगम ने गुरुवार सुबह वार्ड क्रमांक 50 बोरसी भाठा क्षेत्र में दुर्ग-बालोद रेलवे लाइन से लगे अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश के पालन में की गई इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमला और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुबह से ही क्षेत्र में हलचल का माहौल रहा और कार्रवाई देखने बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे रहे।
सुबह नोटिस चस्पा, फिर शुरू हुई तोड़फोड़ नगर निगम की टीम ने कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित अतिक्रमण स्थलों पर नोटिस चस्पा किया। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की गई है।एसडीएम कोर्ट में अपील खारिज होने के बाद खुला रास्ताजानकारी के अनुसार अतिक्रमण हटाने के मामले में पहले एसडीएम कोर्ट से आदेश पारित हुआ था। इसके बाद प्रभावित पक्षों ने दुर्ग एसडीएम कोर्ट में अपील दायर की थी।
करीब एक सप्ताह पहले एसडीएम न्यायालय ने अपील को खारिज कर दिया, जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया। अपील निरस्त होने के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू की।भारी पुलिस बल के बीच चली कार्रवाईकिसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुबह करीब पांच बजे से ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल, एसडीएम कार्यालय के अधिकारी, तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई की निगरानी करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी।37 अतिक्रमणों पर था आदेश, चार पर ही चला बुलडोजरप्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक हाईकोर्ट ने कुल 37 दुकानों और मकानों को हटाने का आदेश दिया था। हालांकि इनमें से 33 प्रभावित पक्षों ने न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर लिया। इसके कारण उन स्थानों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की जा सकी।चार ऐसे निर्माण थे जिनके पास किसी प्रकार का स्थगन आदेश नहीं था। इसी वजह से नगर निगम ने उन्हीं चार दुकानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की।
शेष मामलों में न्यायालय के आगामी निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।अतिक्रमणकारियों में बढ़ी चिंतारेलवे लाइन से लगे क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद अन्य अतिक्रमणकारियों में भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि जिन मामलों में न्यायालय से राहत नहीं मिली है, वहां नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि और रेलवे लाइन से लगे क्षेत्रों में अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
