औचक निरीक्षण में परखी गई बच्चों की शैक्षिक दक्षतासहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी कैलाश साहू ने केशलीगोड़ान स्कूल का किया निरीक्षण, बच्चों के साथ बैठकर किया मध्यान्ह भोजन
पण्डरिया- संकुल केंद्र बिरकोना अंतर्गत संचालित शास. प्राथ. शाला केशलीगोड़ान में सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी कैलाश साहू ने औचक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यवस्थाओं एवं शिक्षण गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रत्येक कक्षा में पहुंचकर बच्चों की कक्षा अनुरूप शैक्षिक दक्षता को परखा और बच्चों से सहज एवं मित्रवत संवाद करते हुए उनकी सीखने की क्षमता का आकलन किया।
बच्चों के साथ बैठकर किया मध्यान्ह भोजननिरीक्षण के दौरान श्री कैलाश साहू ने बच्चों के बीच बैठकर उनके साथ मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। मध्यान्ह भोजन में चावल, दाल तथा फूलगोभी-आलू की सब्जी परोसी गई। उन्होंने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं वितरण व्यवस्था का अवलोकन किया। बच्चों के साथ भोजन कर उन्होंने विद्यालय में अपनाई जा रही व्यवस्थाओं को नजदीक से समझा।प्रिंट रिच वातावरण और अनुशासन की सराहनानिरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रिंट रिच वातावरण, स्वच्छता, बच्चों के रहन-सहन तथा अनुशासित पहनावे को सराहा।
विद्यालय के सभी बच्चे टाई-बेल्ट सहित निर्धारित गणवेश में उपस्थित पाए गए। उन्होंने विद्यालय में निर्मित सकारात्मक एवं सीखने के अनुकूल वातावरण, तथा शिक्षकों को इसी तरह प्रयास करते रहने हेतु उत्साह वर्धन किया गया।पठन कौशल के बताए पांच चरणबच्चों के पठन कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने पढ़ना सीखने के पांच क्रमिक चरण—वर्ण पहचान, मात्रा पहचान, बारहखड़ी, अक्षर जोड़ना एवं पुस्तक पठन को समझाया।
उन्होंने बच्चों को नियमित अभ्यास के माध्यम से पढ़ने की गति एवं शुद्धता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने गणितीय दक्षता बढ़ाने के लिए बच्चों को पहाड़ा याद करने के सरल एवं रोचक तरीके भी बताए और अभ्यास को सीखने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।कक्षा चौथी की छात्रा नीलम के लेखन की हुई सराहनानिरीक्षण के दौरान एबीईओ ने प्रत्येक कक्षा की गतिविधियों का अवलोकन करते हुए बच्चों से संवाद किया। कक्षा चौथी की छात्रा नीलम द्वारा लिखे गए त्वरित पत्र लेखन की उन्होंने जांच की।
छात्रा के लेखन कौशल एवं शैक्षिक स्तर को देखकर उन्होंने उसकी प्रशंसा की तथा अन्य विद्यार्थियों को भी नियमित लेखन अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया।कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण पर जोरविद्यालय में शैक्षिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण संचालित किया जाना पाया गया। बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए शिक्षकों द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा का आयोजन भी नियमित रूप से किया जाना पाया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रधान पाठक शिवकुमार बंजारे, शिक्षक सत्येन्द्र नाथ प्रताप सिंह एवं श्रीमती लता चांदसे अध्यापन कार्य में संलग्न पाए गए। विद्यालय की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संबंधित विभाग को मांगपत्र प्रेषित किए जाने की जानकारी भी दी गई।बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री कैलाश साहू ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, स्वच्छता, अनुशासन, गणवेश, नियमित उपस्थिति एवं सकारात्मक शिक्षण वातावरण की सराहना की।
उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास तथा शैक्षिक स्तर में निरंतर सुधार के लिए शिक्षकों को इसी प्रकार समर्पित भाव से कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।विद्यालय में किए जा रहे सतत प्रयासों से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि विकसित होने के साथ-साथ पठन, लेखन एवं गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक वातावरण निर्मित हो रहा है।
