23 दिनों से जारी अतिथि शिक्षकों का आंदोलन समाप्त, सरकार को 5 सितंबर तक का अल्टीमेटम

दुर्ग। प्रदेशभर में पिछले 23 दिनों से जारी अतिथि शिक्षकों का आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया। अतिथि शिक्षक संघ ने राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आंदोलन समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के साथ हुई वार्ता में उनकी कुछ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है, जबकि शेष मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
इसी के मद्देनज़र फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रदेशभर के हजारों अतिथि शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, पारदर्शी नीति, मानदेय से जुड़े मुद्दों सहित विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया। लगातार 23 दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद सरकार ने उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया और कुछ महत्वपूर्ण मांगों को स्वीकार करने पर सहमति जताई है।हालांकि, अतिथि शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि उनकी सभी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं।
संगठन ने राज्य सरकार को 5 सितंबर तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि तक लंबित मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। संघ ने कहा कि यह आंदोलन केवल स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं माना जाएगा यदि सरकार अपने आश्वासनों पर अमल नहीं करती।संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए कहा कि अतिथि शिक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर संगठन लगातार नजर रखेगा।आंदोलन समाप्त होने के बाद प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में लौटकर शैक्षणिक कार्य शुरू करेंगे। इससे स्कूलों में प्रभावित हुई पढ़ाई के सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
वहीं, अब सभी की निगाहें 5 सितंबर पर टिकी हैं, जब सरकार की ओर से लंबित मांगों पर अंतिम निर्णय सामने आ सकता है।
