जब वनांचल की फिजाओं में गूँजी ‘विजय’ की खुशियाँ: बैगा आदिवासियों ने अनोखे अंदाज में मनाया उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का जन्मदिन

बोड़ला/कवर्धा: कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम पंचायत बाँटीपथरा का आश्रित ग्राम ‘पड़ियाधरान’। यहाँ की हवाओं में इस बार एक अलग ही उत्साह था। मौका था प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और कवर्धा के लोकप्रिय विधायक विजय शर्मा का जन्मदिन, जिसे यहाँ के विशेष संरक्षित जनजाति (PVTGs) बैगा समुदाय ने अपनी माटी की सुगंध और अटूट प्रेम के साथ ‘इको-फ्रेंडली’ रूप में मनाकर मिसाल पेश की।प्रकृति की गोद में सजा उत्सवयह जन्मदिन किसी दिखावे का नहीं, बल्कि सादगी और अपनत्व का संगम था।
गाँव के लोगों ने एक दिन पहले से ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। सुबह होते ही गाँव के महिला-पुरुष और बच्चे एकजुट होकर जंगलों से माहुल के पत्ते चुनकर लाए। अपने हाथों से दोना-पतरी बनाई और चूल्हे पर पारंपरिक विधि से खीर-पुड़ी के पकवान तैयार किए। जंगल की हरियाली के बीच, इन ग्रामीणों ने जिस आत्मीयता से अपने जन-प्रतिनिधि के लिए मंगल कामनाएं कीं, वह दृश्य वाकई अलौकिक और हृदय को छू लेने वाला था।
विकास और विश्वास की कहानीइस उत्सव में शामिल युवा समाजसेवी चंद्रकांत यादव और उनकी ग्रामोदय संस्था की टीम ने भी उपमुख्यमंत्री के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। ग्रामीणों ने चर्चा की कि कैसे विजय शर्मा के नेतृत्व में उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं। पड़ियाधरान गाँव के लिए यह दिन सिर्फ एक जन्मदिन नहीं था, बल्कि विकास के उन कदमों का जश्न था जो उनके जीवन को बदल रहे हैं।गाँव के 30 परिवारों के लिए यह खुशी दोगुनी थी, क्योंकि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत उन सभी 30 परिवारों को पक्के आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
उन कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों के लिए, जिनके अब अपने पक्के मकान बन रहे हैं, विजय शर्मा का जन्मदिन उनके घर के आंगन में खुशहाली का उत्सव मनाने जैसा था।जन-जन की भावनाएंइस ऐतिहासिक पल में ग्रामीणों ने कहा, “विजय भैया हमारे लिए सिर्फ एक नेता नहीं, हमारे सुख-दुख के साथी हैं। उनके दीर्घायु होने की कामना हमने सच्चे मन से प्रकृति के सानिध्य में की है।
“प्रकृति के प्रति प्रेम और अपने जन-प्रतिनिधि के प्रति श्रद्धा का यह अनूठा संगम कवर्धा की इस छोटी सी बस्ती से पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरक संदेश दे गया।
