उपराष्ट्रपति से मिला अभाविप का प्रतिनिधिमंडल, युवा सशक्तीकरण और विद्यार्थी हितों पर हुई अहम चर्चा
नई दिल्ली, 24 जून 2026। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। उपराष्ट्रपति का दायित्व संभालने के बाद अभाविप प्रतिनिधिमंडल की यह पहली औपचारिक मुलाकात थी, जिसमें उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
बैठक के दौरान राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, उच्च शिक्षा से जुड़े समसामयिक मुद्दों तथा अभाविप द्वारा देशभर में संचालित विभिन्न अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के 60 वर्ष पूरे कर रहे स्टूडेंट्स एक्सपीरियंस इन इंटरस्टेट लिविंग (SEIL) कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक संवाद और भावनात्मक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अभाविप ने युवाओं में बढ़ती डिजिटल निर्भरता को देखते हुए ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान की भी जानकारी दी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को खेल, सामाजिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना है। साथ ही महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन साहसी’ अभियान के तहत अब तक 10 लाख से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी साझा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रमों के तहत गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष, संत रविदास के 650वें प्राकट्योत्सव वर्ष तथा रानी अबक्का के योगदान पर केंद्रित देशव्यापी आयोजनों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।बैठक में पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। इनमें विश्वविद्यालय सीनेट में विद्यार्थी प्रतिनिधित्व, छात्रावास सुविधाओं का विस्तार, शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना तथा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग, माइंडफुलनेस और परामर्श केंद्र स्थापित करने की मांग शामिल रही।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि उपराष्ट्रपति के साथ हुई यह भेंट अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायी रही। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संवाद विद्यार्थी हितों, युवा सशक्तीकरण और राष्ट्रीय पुनर्जागरण से जुड़े विषयों को नई दिशा और गति प्रदान करेगा।
