लिटिया सेमरिया में महाशिवपुराण कथा का भव्य समापन, आस्था के सैलाब के बीच विधायक ईश्वर साहू ने सिर पर उठाई पोथी

लिटिया सेमरिया। ग्राम लिटिया सेमरिया में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा का गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा परिसर शिवमय हो उठा। व्यासपीठ से आचार्य डॉ. विक्रांत दुबे महाराज ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को कर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश दिया।अपने प्रवचन में आचार्य डॉ. दुबे ने कहा कि व्यक्ति को कर्म करते समय फल की चिंता नहीं करनी चाहिए।
निष्ठा और समर्पण के साथ किया गया कार्य ही सच्चा कर्म है तथा उसके फल का निर्धारण भगवान शंकर करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव दयालु, सरल और सहज प्रसन्न होने वाले देव हैं, इसलिए उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है। सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भगवान शिव अपने भक्तों पर शीघ्र कृपा बरसाते हैं।आचार्य ने समुद्र मंथन से जुड़े प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि नीलकंठ स्वरूप, नंदी, नाग, चंद्रमा, गंगा, त्रिशूल और डमरू जैसे कई दिव्य प्रतीक भगवान शिव से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने बेलपत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है और इसे अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं।उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने, परिवार में प्रेम और सम्मान बनाए रखने तथा भगवान शिव को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव से मंत्रमुग्ध होकर प्रवचन सुनते रहे।समापन अवसर पर साजा विधायक ईश्वर साहू भी उपस्थित रहे। उन्होंने शोभायात्रा के दौरान शिव महापुराण की पवित्र पोथी को अपने सिर पर रखकर ग्राम भ्रमण किया, जिसे श्रद्धालुओं ने आस्था और सम्मान का प्रतीक बताया।
कथा समाप्ति के बाद 11 वर्षीय सार्थक ललित शर्मा ने बाबा श्याम का मधुर भजन प्रस्तुत किया। उनके भावपूर्ण गायन पर श्रद्धालु झूम उठे और बाबा श्याम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।अंतिम दिवस कथा के पश्चात हवन, पूजन, पूर्णाहुति एवं महाआरती का आयोजन किया गया। इसके बाद रामधुन के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
शाम को श्रद्धालुओं के लिए पुड़ी, सब्जी, हलवा एवं बूंदी प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन का समापन शांतिपूर्ण एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।
