जिला अस्पताल दुर्ग की लापरवाही ने ली 20 वर्षीय युवती की जान, दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई – मुकेश साहू
दुर्ग, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मुकेश साहू ने जिला अस्पताल दुर्ग में उपचार के दौरान 20 वर्षीय युवती दीपिका की मृत्यु को प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एवं अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाता तो युवती की जान बचाई जा सकती थी।प्राप्त जानकारी के अनुसार दीपिका को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया था।
जांच के दौरान चिकित्सकों ने उसके शरीर में रक्त की अत्यधिक कमी बताई और तत्काल रक्त चढ़ाने की आवश्यकता जताई। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया तथा परिजनों को स्वयं डोनर की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। अपनी बेटी की जान बचाने के लिए पिता लगातार डोनर की तलाश करता रहा, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय उसे असहाय छोड़ दिया।मुकेश साहू ने कहा कि जब किसी मरीज की स्थिति गंभीर हो और रक्त की तत्काल आवश्यकता हो, तब अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है कि उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आवश्यक रक्त उपलब्ध कराए।
लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से युवती को समय पर एक यूनिट रक्त तक उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण उसकी असमय मृत्यु हो गई। यह केवल एक मौत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता और प्रशासनिक संवेदनहीनता का ज्वलंत उदाहरण है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं और गरीब परिवार इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।
मुकेश साहू ने कहा कि एक ओर सरकार सुशासन का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में लापरवाही के कारण लोगों की जान जा रही है। यदि स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता तो आज एक परिवार की बेटी जीवित होती।उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।
