छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिलों से आम जनता परेशान : मुकेश साहू
दुर्ग जिला शहर कांग्रेस के महामंत्री मुकेश साहू ने छत्तीसगढ़ में बिजली बिलों में लगातार हो रही बेतहाशा वृद्धि को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते बिजली बिलों के कारण आम एवं गरीब परिवारों का जीवन कठिन होता जा रहा है। प्रदेश के अनेक गांवों और कस्बों में लोगों को प्रति माह 3,000 से 5,000 रुपये तक के बिजली बिल मिल रहे हैं, जिससे उनके घरेलू बजट पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
मुकेश साहू ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य सरकार महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह 1,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिलों के माध्यम से आम परिवारों से कई गुना अधिक राशि वसूली जा रही है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार आर्थिक संकट का सामना करने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में, जब सामान्यतः बिजली की खपत अपेक्षाकृत कम रहती है, तब भी कई उपभोक्ताओं को 3,000 से 5,000 रुपये तक के बिजली बिल प्राप्त हो रहे हैं। उनका आरोप है कि शासन द्वारा लोगों के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिसके बाद से बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर जनता में व्यापक असंतोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से ही आम जनता की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील रही है।मुकेश साहू ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेशभर में लगाए गए स्मार्ट मीटरों की तत्काल जांच कर आवश्यकतानुसार उन्हें बदला जाए। साथ ही स्मार्ट मीटर आधारित बिलिंग व्यवस्था एवं बिजली दरों की व्यापक समीक्षा कराई जाए, बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा घरेलू उपभोक्ताओं, विशेषकर गरीब एवं ग्रामीण परिवारों को राहत प्रदान की जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि बिजली बिलों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण किया जाए, ताकि प्रदेश की जनता को बढ़ते बिजली बिलों के बोझ से राहत मिल सके और आम नागरिक सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।
