प्रमोशन कोटा बहाली पर प्रबंधन का आश्वासन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 अक्टूबर सामूहिक अवकाश, 21 से अनिश्चितकालीन हड़ताल

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर की तीनों कंपनियों के प्रबंध निदेशकों एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के बीच 1 अक्टूबर को महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता आयोजित हुई। बैठक में संघ की लंबित 10 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। सबसे प्रमुख मुद्दा सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति का कोटा 40 प्रतिशत से बढ़ाकर पूर्ववत 70 प्रतिशत करने का रहा।

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर श्रीकांत बड़गैंया ने प्रबंधन के समक्ष तर्क रखते हुए कहा कि पदोन्नति कोटा 70 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत किए जाने से कनिष्ठ अभियंताओं की सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी में कई कनिष्ठ अभियंता 13 से 17 वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं और वर्तमान व्यवस्था में उन्हें सहायक अभियंता बनने में लंबा अतिरिक्त समय लग सकता है।

संघ ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में कनिष्ठ अभियंता इंजीनियरिंग डिग्री, एमटेक एवं पीएचडी जैसी उच्च योग्यताएं प्राप्त कर चुके हैं। संघ के अनुसार, राज्य शासन के ऊर्जा, लोक निर्माण एवं जल संसाधन विभागों में पदोन्नति का कोटा इससे अधिक है।एक माह में रिपोर्ट देगी समितिप्रमोशन कोटा बढ़ाने की मांग पर प्रबंधन ने बताया कि इस विषय पर 24 सितंबर 2026 को एक समिति का गठन किया जा चुका है, जो एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

संघ की मांग पर प्रबंधन ने समिति के समक्ष संघ का पक्ष सुनने पर भी सहमति जताई है।संघ ने मांग की है कि समिति की रिपोर्ट आने तक पूर्व व्यवस्था के अनुसार 70 प्रतिशत पदोन्नति कोटा लागू करते हुए सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति की जाए।पुरानी पेंशन सहित अन्य मांगों पर भी चर्चाबैठक में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी रखी गई। प्रबंधन ने बताया कि इस संबंध में राज्य शासन से संवाद जारी है और मामला प्रक्रियाधीन है।

इसके अलावा लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने, कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद पर विभागीय परीक्षा के रिक्त पदों पर भर्ती, जनरेशन कंपनी के मेंटेनेंस विभाग में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं के लंबित C-OFF भुगतान, उच्च वेतनमान मिलने पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि की विसंगति दूर करने तथा विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण की मांगों पर चर्चा हुई।संघ ने DC वर्किंग प्रणाली में सुधार, 5 किलोवाट तक भार स्वीकृति, ₹5,000 तक के बिल सुधार का अधिकार वितरण केंद्र में कनिष्ठ अभियंता को देने तथा अधिक उपभोक्ता वाले केंद्रों में अतिरिक्त वाहन एवं श्रमिक उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

सहायक अभियंता की सीधी भर्ती में कनिष्ठ अभियंताओं के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण, तकनीकी कर्मचारियों की नई भर्ती और जनरेशन कंपनी में PLF आधारित इंसेंटिव पुनः शुरू करने की मांग भी बैठक में उठाई गई। कई मांगों पर प्रबंधन ने परीक्षण एवं सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।6 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश, 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलनसंघ ने स्पष्ट किया कि लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में पूर्व निर्धारित चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

इसके तहत 6 अक्टूबर 2026 को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश तथा 21 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रस्तावित है।बैठक में ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी आर.के. शुक्ला, जनरेशन कंपनी के एमडी एस.के. कटियार, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी तथा संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्रीकांत बड़गैंया, महासचिव दीपक कुमार निकुंज, संरक्षक बी.बी. जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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